बेटी ने निभाया बेटे का किरदार : अंतिम संस्कार में दी मुखाग्नि
ललित चावला बिजौलिया | 04 Jan 2026
बिजौलिया। समाज में बेटियों की भूमिका को लेकर बनी पारंपरिक धारणाएं अब बदलती हुई दिखाई दे रही हैं। बेटियां आज हर वह जिम्मेदारी निभा रही हैं, जिसे कभी केवल बेटों तक सीमित माना जाता था। ऐसा ही एक भावुक और प्रेरणादायी दृश्य शनिवार को बिजौलिया कस्बे में देखने को मिला, जहां एक बेटी ने पिता के अंतिम संस्कार में बेटे का पूरा किरदार निभाते हुए उन्हें मुखाग्नि दी।
जानकारी के अनुसार पथिक नगर निवासी दीपमाला टांक, पत्नी मनोज टांक, के पिता स्वर्गीय टीकमचंद टांक (नौसरदा वाले) के कोई पुत्र नहीं थे। ऐसे में दीपमाला ने अपनी पिता को अपने पास बिजौलिया में ही रख लिया था। लंबे समय से वे बेटी के पास रहकर स्नेह और सम्मान के साथ जीवन व्यतीत कर रहे थे।
शनिवार को टीकमचंद टांक के देहावसान के बाद अंतिम संस्कार की सभी जिम्मेदारियां बेटी ने ही निभाई। उन्होंने पिता को कंधा दिया और मुखाग्नि देकर सामाजिक परंपराओं को नई दिशा दी। बेटी का यह साहसिक और संवेदनशील कदम देखकर परिजन, रिश्तेदार, मित्र एवं उपस्थित लोग भावुक हो उठे और बेटी के प्रति सम्मान भाव से भर गए।