बिजौलिया में गिरवी आभूषणों को लेकर विवाद: सोना-चांदी की कीमतों में उछाल से बढ़ा तनाव, बाइक रैली निकाली, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
ललित चावला बिजौलिया | 03 Feb 2026
बिजौलिया। बिजौलिया तहसील क्षेत्र में सोने और चांदी की कीमतों में आई अप्रत्याशित वृद्धि के कारण आभूषण विक्रेताओं और ग्राहकों के बीच गंभीर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है। पुराने समय में गिरवी रखे गए आभूषणों को वर्तमान ऊंची दरों पर जबरन वापस लेने के प्रयासों से हालात तनावपूर्ण हो गए हैं।
स्वर्णकार समाज ने निकाली बाइक रैली
इसी मुद्दे को लेकर आज बिजौलिया के स्वर्णकार समाज, आभूषण विक्रेताओं एवं निर्माताओं ने एकजुट होकर बाइक रैली निकाली। रैली एसडीएम कार्यालय पहुंची, जहां उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया गया।
संविदा अधिनियम का हवाला देकर रखी मांग
ज्ञापन में व्यापारियों ने संविदा अधिनियम 1872 की धारा 176 का उल्लेख करते हुए बताया कि गिरवी अथवा रहन की अधिकतम अवधि तीन वर्ष होती है। नियमों के अनुसार हर 11 माह में निर्धारित शुल्क देकर गिरवी का नवीनीकरण आवश्यक होता है। यदि ग्राहक नवीनीकरण नहीं कराता है, तो अंतिम सूचना के बाद व्यापारी को विधिसम्मत रूप से रकम का निस्तारण करने का अधिकार प्राप्त है।
डराने-धमकाने और झूठे आरोपों से व्यापारी परेशान
व्यापारियों का आरोप है कि इसके बावजूद कई ग्राहक दुकानों पर आकर डराने-धमकाने, मारपीट करने, झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देने, चोरी के निराधार आरोप लगाने, तोड़फोड़ करने और ब्लैकमेलिंग जैसी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। इससे पूरा स्वर्णकार समाज भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है।
पुलिस कार्यवाही का डर दिखाया जा रहा
व्यापारियों ने बताया कि गिरवी आभूषणों से संबंधित लेन-देन पूरी तरह सिविल प्रकृति का मामला है, जिसका निराकरण केवल सिविल न्यायालय में ही संभव है। इसके बावजूद झूठी शिकायतों के आधार पर पुलिस द्वारा आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाने का डर पैदा किया जा रहा है।
व्यवसाय पर पड़ा बुरा असर, सुरक्षा की मांग
वर्तमान हालातों में झूठी रिपोर्ट, लड़ाई-झगड़े और पुलिस कार्रवाई के डर से व्यापारी भयभीत हैं, जिससे उनका व्यवसाय गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। स्वर्णकार समाज ने प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर सख्त रोक लगाने की मांग की है।