गेट पर लिखा ‘यह विद्यालय की संपत्ति है’ : धराशायी बिल्डिंग पर बननी है नई स्कूल इमारत,लोगों ने कहा- यहां केवल विद्यालय ही बनेगा, कमर्शियल उपयोग का विरोध होगा

ललित चावला बिजौलिया | 13 Feb 2026

वीडियो कंटेंट बाय: बलवंत जैन

बिजौलिया। कस्बे के तेजाजी चौक स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की तीन वर्ष पूर्व धराशायी की गई इमारत की भूमि एक बार फिर चर्चा में है। विद्यालय प्रबंध समिति ने हाल ही में जमीन के मुख्य गेट पर ‘विद्यालय संपत्ति’ का बोर्ड लगाकर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि यह भूमि स्कूल की है और यहां विद्यालय भवन का ही निर्माण होगा।

2.60 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति मिली थी

जानकारी के अनुसार, तीन वर्ष पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन विधायक स्वर्गीय विवेक धाकड़ के प्रयासों से डीएमएफटी (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट) मद से 2 करोड़ 60 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति नई विद्यालय इमारत के निर्माण के लिए जारी हुई थी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने जर्जर हो चुकी पुरानी बिल्डिंग को ध्वस्त कर दिया।

बताया गया कि करीब 70 वर्ष पुराने इस विद्यालय भवन के 18 कमरों को जमींदोज करने के आदेश जारी किए गए थे। योजना के तहत यहां महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल संचालित करने का प्रस्ताव भी था, लेकिन सरकार बदलने के बाद वित्तीय स्वीकृति जारी नहीं हो सकी और निर्माण कार्य ठप पड़ गया।

कमर्शियल उपयोग की चर्चा से बढ़ा आक्रोश

मुख्य बाजार क्षेत्र में स्थित इस कीमती भूमि पर लंबे समय से निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से कस्बेवासियों में असंतोष है। इसी बीच नगर पालिका प्रशासन द्वारा इस भूमि के कमर्शियल उपयोग की संभावनाओं की चर्चा से लोगों में रोष फैल गया। स्थानीय नागरिकों ने स्पष्ट कहा कि यह जमीन शिक्षा के लिए आवंटित है और यहां केवल विद्यालय भवन ही बनाया जाना चाहिए।

जनसुनवाई में उठाया गया मामला

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शक्ति नारायण शर्मा ने वित्तीय स्वीकृति जारी कराने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में परिवाद दायर कराया था। इस पर 22 जनवरी को कलेक्टर के निर्देश पर समसा के सहायक अभियंता सुरेश लोधी ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की।

यह है वर्तमान स्थिति

वर्तमान में विद्यालय परिसर की भूमि पर मलबा और कचरे के ढेर पड़े हैं, जिससे आसपास के मकानों और दुकानदारों को गंदगी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से नगर पालिका प्रशासन ने जमीन के चारों ओर चारदीवारी करवा दी है, लेकिन स्थायी समाधान के रूप में भवन निर्माण की दिशा में अभी तक ठोस प्रगति नहीं हो सकी है। स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों की मांग है कि लंबित वित्तीय स्वीकृति शीघ्र जारी कर विद्यालय भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो और बहुमूल्य भूमि का मूल उद्देश्य सुरक्षित रह सके।

कांग्रेस नेता शक्तिनारायण शर्मा की मांग पर जिला कलेक्टर ने कराया था सर्वे

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