जीवित रहते भारत सरकार ने किया जिनका सम्मान : मरणोपरांत उन्हीं स्वतंत्रता सेनानियों की मूर्तियों को नहीं मिल रहा स्थान
ललित चावला बिजौलिया | 24 Feb 2026
बिजौलिया किसान आंदोलन के स्वतंत्रता सेनानियों की लगातार उपेक्षा, 5 सालों से सम्मान के अभाव में घरों में बंद मूर्तियां,अमृत महोत्सव के बीच स्थानीय स्तर पर उपेक्षा
बिजौलिया (बलवंत जैन)। एक ओर देशभर में आजादी के अमृत महोत्सव के तहत मेरी माटी मेरा देश अभियान चलाकर स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर बिजौलिया किसान आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले सेनानियों की मूर्तियां पिछले पांच वर्षों से स्थापना के इंतजार में घरों में रखी हुई हैं।
स्वतंत्रता सेनानी चुन्नीलाल चित्तौड़ा
ग्राम पंचायत ने दिलाया था भरोसा
स्वतंत्रता सेनानी धूली लाल वर्मा
स्वतंत्रता सेनानी स्व. चुन्नीलाल चित्तौड़ा के परिवार के शैलेश चित्तौड़ा ने बताया कि वर्ष 2021 के पंचायत कार्यकाल में ग्राम सभा में परिवारजनों को बुलाकर स्वयं के खर्चे पर मूर्तियां बनवाने को कहा गया। वर्ष 2022 में आयोजित कोरम में स्वतंत्रता सेनानी पार्क बनाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया था। इसी के तहत सभी परिवारों ने मूर्तियां तैयार करवा लीं, लेकिन आज तक उनकी स्थापना नहीं हो सकी।
पार्क विकास का आश्वासन अधूरा
तत्कालीन सरपंच पूजा चंद्रवाल द्वारा पंचायत समिति के सामने तालाब किनारे स्वतंत्रता सेनानी पार्क विकसित करने,चारदीवारी और सुरक्षा व्यवस्था करने तथा शीघ्र अनावरण कराने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन पांच वर्षों बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
जनप्रतिनिधियों को दिया गया ज्ञापन
वर्ष 2023 में नगरपालिका शिविर के दौरान मांडलगढ़ विधायक गोपाल खंडेलवाल, जिला कलेक्टर, उपखंड अधिकारी अजीत सिंह राठौड़ एवं तत्कालीन सरपंच को ज्ञापन सौंपकर इस विषय से अवगत कराया गया था। परिवारजनों का कहना है कि अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं, ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
राष्ट्र स्तर पर मिला था सम्मान
गौरतलब है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 15 अगस्त 1972 को स्वतंत्रता के 25 वर्ष पूर्ण होने पर ग्राम सलावटिया में आयोजित समारोह में, तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवचरण माथुर की उपस्थिति में चुन्नीलाल चित्तौड़ा को स्वतंत्रता संग्राम में योगदान हेतु राष्ट्र की ओर से ताम्रपत्र प्रदान किया था। ऐसे सम्मानित स्वतंत्रता सेनानियों की मूर्तियों को आज तक उचित स्थान नहीं मिल पाना स्थानीय स्तर पर चिंता का विषय बना हुआ है।
पार्क में केवल एक ही मूर्ति स्थापित
वर्तमान में पंचायत समिति के सामने तालाब के निकट बने स्वतंत्रता सेनानी पार्क में केवल स्वतंत्रता सेनानी साधु सीताराम दास की मूर्ति स्थापित है, जिनका समय-समय पर सम्मान किया जाता है। जबकि स्वतंत्रता सेनानी चुन्नीलाल चित्तौड़ा, भंवरलाल शर्मा और धूलीलाल वर्मा की मूर्तियों की स्थापना का कस्बेवासियों को बेसब्री से इंतजार है।
अधिशासी अधिकारी का आश्वासन
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी पंकज मंगल ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। शीघ्र ही संबंधित डीपीआर सरकार को भेजी जाएगी, जिसमें सभी स्वतंत्रता सेनानियों की मूर्तियों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस वर्ष के भीतर सभी मूर्तियों को ससम्मान स्वतंत्रता सेनानी पार्क में स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
स्वतंत्रता सेनानी भंवरलाल शर्मा