पालिका चुनाव में वोटों का गणित: भाजपा की बढ़त, कांग्रेस भी मजबूत; निर्दलीयों ने 20% से ज्यादा वोट लेकर बिगाड़ा सियासी गणित

ललित चावला बिजौलिया | 17 Sep 2026

भाजपा की बढ़त, कांग्रेस भी मजबूत; निर्दलीयों ने 20% से ज्यादा वोट लेकर बिगाड़ा सियासी गणित

बिजौलिया। नगर पालिका चुनाव के नतीजों के बाद अब वार्डों की जीत-हार के साथ कुल वोटों का गणित भी बिजौलिया की सियासत की एक अलग तस्वीर सामने ला रहा है। 11 सितंबर को हुए नगर पालिका चुनाव में 25 वार्डों के कुल 13,153 मतदाताओं में से 11,138 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। कुल पड़े वोटों में भाजपा के खाते में 4,692 वोट आए, जबकि कांग्रेस को 3,989 वोट मिले। वहीं निर्दलीय उम्मीदवारों ने सामूहिक रूप से 2,306 वोट हासिल कर दोनों प्रमुख दलों के सामने अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। इसके अलावा RLP को 44, AAP को 9 और NOTA को 98 वोट मिले।

भाजपा का वोट शेयर 42.13%, कांग्रेस 35.81%

कुल 11,138 पड़े मतों के आधार पर भाजपा का वोट शेयर करीब 42.13 प्रतिशत रहा। कांग्रेस को 35.81 प्रतिशत वोट मिले। दोनों प्रमुख दलों के बीच वोट शेयर का अंतर करीब 6.32 प्रतिशत अंक रहा। वहीं निर्दलीयों ने कुल मतदान का करीब 20.70 प्रतिशत वोट अपने नाम किया। यानी हर पांचवां वोट निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गया। यही आंकड़ा इस चुनाव को और दिलचस्प बना देता है।

सीटों में भाजपा 12, कांग्रेस 11 और निर्दलीय 2

वोट शेयर के साथ सीटों का गणित देखें तो भाजपा ने 25 में से 12 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस के खाते में 11 वार्ड आए। दो वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। यानी भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत से एक सीट दूर रह गई। नगर पालिका में बहुमत के लिए 13 पार्षदों की जरूरत है। ऐसे में दो निर्दलीय पार्षदों की भूमिका सीधे तौर पर महत्वपूर्ण हो गई है।

निर्दलीयों ने सिर्फ वोट नहीं, सीटों का गणित भी बदला

निर्दलीय उम्मीदवारों को मिले 2,306 वोट महज एक आंकड़ा नहीं है। यह बताता है कि चुनाव में बड़ी संख्या में मतदाताओं ने भाजपा और कांग्रेस के बजाय निर्दलीय उम्मीदवारों पर भरोसा जताया। खास बात यह है कि निर्दलीयों ने दो वार्डों में जीत भी हासिल की है। ऐसे में वोटों के प्रतिशत से लेकर चेयरपर्सन के बहुमत तक, निर्दलीयों ने बिजौलिया के चुनावी गणित को पूरी तरह दिलचस्प बना दिया है। 

अब वोट शेयर से ज्यादा चर्चा 13 के आंकड़े की

वार्ड चुनाव का परिणाम सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल चेयरपर्सन पद को लेकर है। भाजपा के पास 12, कांग्रेस के पास 11 और निर्दलीयों के पास 2 सीटें हैं। बहुमत का आंकड़ा 13 है। ऐसे में चुनाव परिणाम का सबसे दिलचस्प पहलू यही है कि जनता ने किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं दिया और दो निर्दलीयों को निर्णायक स्थिति में ला खड़ा किया। अब निगाहें इस बात पर हैं कि चेयरपर्सन के चुनाव में 25 पार्षदों का यह गणित किस तरह करवट लेता है।

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