श्री तिलस्वांनाथ गौशाला में भागवत कथा: कथावाचक ने सदाचार और भगवान के प्रति प्रेम का दिया संदेश
ललित चावला बिजौलिया | 03 Oct 2026
बिजौलिया। इंद्रपुरा क्षेत्र स्थित श्री तिलस्वांनाथ गौशाला, चांदजी की खेड़ी में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के दौरान कथा वाचक प्रेम नारायण गेहूंखेड़ी वालों ने श्रद्धालुओं को जीवन में सत्कर्म, सदाचार और भगवान के प्रति प्रेम एवं भक्ति का महत्व बताया। कथा में कहा गया कि मनुष्य को अपने जीवन में प्रभु से प्रेम करना चाहिए। सतोगुण में मनुष्य सदैव भगवान को ही चाहता है, जबकि रजोगुण में मनुष्य संसार के कार्यों में उलझा रहता है। संसार के कार्यों में उलझने से मनुष्य धीरे-धीरे भगवान से दूर होता चला जाता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में सदैव अच्छे कर्मों को अपनाना चाहिए। मनुष्य का जीवन केवल सांसारिक सुख-सुविधाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे ईश्वर की भक्ति और सदाचार के मार्ग पर भी आगे बढ़ना चाहिए। तमोगुण में मनुष्य आलस्य, प्रमाद और भोग में लगा रहता है। ऐसे में मनुष्य को सतोगुण अपनाकर अपने जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए। अच्छे विचार, अच्छे कर्म और भगवान के प्रति समर्पण से जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है।
कथा के दौरान श्रद्धालुओं से भगवान के प्रति आस्था बनाए रखने और जीवन में धर्म एवं सदाचार के मार्ग पर चलने का आह्वान किया गया। कथा स्थल पर सैकड़ों महिला पुरुषों ने भक्ति भाव के साथ कथा का श्रवण किया। रविवार को कथा का समापन होगा।