बिजौलिया में सफाई व्यवस्था बदहाल: नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, 25 वार्डों में 55 सफाई कर्मचारी तैनात, लाखों खर्च के बावजूद नहीं सुधरे हालात
ललित चावला बिजौलिया | 26 Oct 2026
बिजौलिया। दिवाली का त्योहार नजदीक है, लेकिन कस्बे की सफाई व्यवस्था नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। शहर की कई कॉलोनियों और गलियों में कचरे के ढेर लगे हैं, नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं और टूटी नालियों की मरम्मत तक नहीं हो पा रही है। त्योहार से पहले घर-आंगन और आसपास का वातावरण स्वच्छ बनाने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को बदहाल सफाई व्यवस्था के कारण निराशा का सामना करना पड़ रहा है। पालिका प्रशासन की कथित लापरवाही को लेकर आमजन में अब आक्रोश बढ़ रहा है।
55 सफाई कर्मचारी तैनात, फिर भी गंदगी का अंबार
वार्ड पार्षद संजय लुहार और किशन खटीक ने बताया कि बिजौलिया के 25 वार्डों में सफाई व्यवस्था के लिए नगर पालिका प्रशासन की ओर से 55 सफाई कर्मचारी लगाए गए हैं। इसके बावजूद कई गलियों में कचरे के ढेर लगे हुए हैं। सफाई व्यवस्था पर लाखों रुपए खर्च किए जाने के बाद भी यदि शहर की गलियां गंदगी से अटी रहें, तो यह व्यवस्था की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पार्षदों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन को कई बार सफाई संबंधी समस्याओं से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस और सकारात्मक कार्रवाई नजर नहीं आई है। नतीजतन, समस्या जस की तस बनी हुई है और लोगों की नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
वार्ड 6 और 16 में टूटी नालियां, मरम्मत का इंतजार
कस्बे के वार्ड 6 और वार्ड 16 में कई स्थानों पर नालियां टूटी हुई हैं। इनकी मरम्मत नहीं होने से स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। गंदगी से भरी नालियां और जगह-जगह जमा कचरा स्वच्छता व्यवस्था की हकीकत बयां कर रहा है। त्योहार के मद्देनजर इन समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाना चाहिए, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से जनप्रतिनिधियों में असंतोष है। युवा नेता कमल नायक का कहना है कि वार्ड 10 में भी यही स्थिति है, कोई सुनवाई नहीं हो रही। उनका कहना है कि कस्बे की सफाई व्यवस्था में दिवाली से पहले सुधार नहीं हुआ तो पालिका प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा।
पहली बैठक में उठी थी सफाई की मांग, फिर भी नहीं चेता प्रशासनपार्षदो के अनुसार, कुछ दिनों पूर्व नगर पालिका की पहली बोर्ड बैठक में सभी पार्षदों ने दिवाली से पहले कस्बे की सफाई व्यवस्था का मुद्दा जोर शोर से उठाया गया था। कस्बे की सफाई प्रॉपर नहीं होना यह पालिका प्रशासन का फेल्योर है।
जो कर्मचारी काम नहीं करेंगे उन्हें हटाएंगे
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी तरुण कुमार ने बताया कि कस्बे में सफाई व्यवस्था के लिए वाल्मीकि समाज के 55 सफाई कर्मचारी लगा रखे हैं। कर्मचारियों को सरकारी नियमों के अनुसार मानदेय भी दिया जा रहा है, लेकिन कुछ कर्मचारी काम करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग भी की गई है। उन्होंने बताया कि जो कर्मचारी काम नहीं करना चाहते, उन्हें हटाया जाएगा।