मेरा वार्ड, मेरा प्रत्याशी: वार्ड 6 में किसके सिर सजेगा जीत का ताज? 960 वोटर तय करेंगे सियासी तस्वीर

ललित चावला बिजौलिया | 29 Aug 2026

वार्ड 6 में किसके सिर सजेगा जीत का ताज? 960 वोटर तय करेंगे सियासी तस्वीर

CNX डिजिटल की ग्राउंड जीरो रिपोर्ट | 

वार्ड नंबर 6

एरिया: लादू अहीर के मकान से लेकर रामेश्वर चित्तौड़ा, सईद मिस्त्री, पप्पू मिस्त्री (यादव), राजू खटीक, प्रकाश खटीक, चारण माता और नायक सराय तक फैली हुई है। बड़ा क्षेत्रफल और सबसे ज्यादा मतदाताओं में शामिल होने के कारण इस वार्ड पर भाजपा और कांग्रेस दोनों की नजरें टिकी हैं।

बिजौलिया। नगर पालिका चुनाव का काउंटडाउन शुरू होते ही वोटर्स की संख्या के आधार पर बिजौलिया का सबसे बड़ा वार्ड 6 चुनावी चर्चा के केंद्र में आ गया है। 960 मतदाताओं वाले इस वार्ड में सीट सामान्य है, लेकिन यहां का चुनाव केवल जातीय समीकरणों से नहीं, बल्कि सड़क, नाली, पानी, रोड लाइट, खाली प्लॉट और विकास के मुद्दों से भी तय होता नजर आ रहा है।

बड़ा वार्ड... बड़ा मुकाबला!

वार्ड 6 की चुनावी तस्वीर इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि जनरल सीट होने के बावजूद सामान्य वर्ग के मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम है। वहीं ओढ, खटीक मोहल्ले, कच्ची बस्ती सहित अन्य क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मतदाता हैं। ऐसे में ओबीसी और अन्य सामाजिक समीकरण भी चुनावी परिणाम में अहम भूमिका निभा सकते हैं। चारण माता मंदिर क्षेत्र से लेकर वार्ड के अलग-अलग हिस्सों में चुनाव को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। संभावित प्रत्याशियों को लेकर भी मतदाताओं के बीच कयासों का दौर चल रहा है। फिलहाल दोनों ही पार्टियों के उम्मीदवारों को लेकर लोगों में उत्सुकता है।

सड़क-नाली बनी सबसे बड़ी चुनावी कसौटी

वार्डवासियों के अनुसार यहां सड़क, नाली और रोड लाइट प्रमुख समस्याएं हैं। कई जगह सड़कें खुदी हुई हैं तो नालियों की व्यवस्था में भी सुधार की जरूरत महसूस की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले पंचायत कार्यकाल में वार्ड में अपेक्षित विकास नहीं हो पाया। अब पहली बार नगर पालिका चुनाव होने से लोगों को उम्मीद है कि शहरी क्षेत्र में शामिल होने के बाद विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। वहीं इस वार्ड में खाली प्लॉटों की संख्या भी ज्यादा है जहां कचरे के ढेर लगे है। भावी प्रतिनिधि से लोगों ने खाली भूखंडों पर चारदीवारी कराने की भी आस लगा रखी है। मतदाताओं के सामने सवाल सिर्फ यह नहीं है कि प्रत्याशी कौन होगा, बल्कि यह भी है कि कौन प्रत्याशी वार्ड की बुनियादी समस्याओं को पालिका प्रशासन के सामने मजबूती से उठाकर समाधान तक पहुंचा सकेगा?

विकास का मास्टर प्लान चाहिए”

वार्डवासी पुरुषोत्तम महावार का कहना है कि वार्ड में सड़क और नालियों की स्थिति में सुधार जरूरी है। उनका कहना है कि कस्बे के शहरी क्षेत्र से जुड़ने के बाद विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है और लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान होना चाहिए। वहीं चारण माता मंदिर के पास रहने वाले कमल नायक का कहना है कि वार्ड में कई जगह सड़कें खुदी हुई हैं। उनका कहना है कि सीसी सड़क निर्माण, बेहतर नाली व्यवस्था और वार्ड के विकास के मुद्दों को दमदार तरीके से पालिका तक पहुंचाने वाले प्रत्याशी को ही प्राथमिकता दी जाएगी।

सफाई व्यवस्था भी बनी चुनावी मुद्दा

वार्ड 6 के मोहल्लेवासियों ने सफाई व्यवस्था को लेकर भी शिकायत दर्ज कराई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाईकर्मी नियमित रूप से मोहल्ले में नहीं आते, जिसके चलते जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा रहता है। नगर पालिका चुनाव के बाद वार्ड में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करना भी नए पार्षद के सामने बड़ी चुनौती होगी। 

अब नजर टिकट पर...

वार्ड नंबर 6 में चुनावी तस्वीर का सबसे बड़ा सस्पेंस अब भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी चयन को लेकर है। दोनों दल किस चेहरे पर दांव लगाते हैं, इसके बाद ही मुकाबले की असली तस्वीर सामने आएगी। क्या राजनीतिक पकड़ वाला चेहरा बाजी मारेगा? क्या सामाजिक समीकरण निर्णायक होंगे? या फिर सड़क, नाली, पानी और विकास के मुद्दे किसी नए चेहरे को आगे ला देंगे? 960 मतदाताओं वाला वार्ड 6 अब इन सवालों के जवाब का इंतजार कर रहा है।

 

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