LIVE वार्ड 6 से 10 में महामुकाबला: वार्ड 6 में 9 प्रत्याशियों का घमासान, वार्ड 8 में प्रेम देवी V/S प्रेम देवी

ललित चावला बिजौलिया | 07 Sep 2026

वार्ड 6 में 9 प्रत्याशियों का घमासान, वार्ड 8 में प्रेम देवी V/S प्रेम देवी

बिजौलिया। नगर पालिका चुनाव का रण अब पूरी तरह सज चुका है। 25 वार्डों में होने वाले चुनाव को लेकर प्रत्याशियों ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है। कस्बे की गलियां बैनर, पोस्टर, फ्लेक्स और पंपलेट से पट गई हैं। प्रत्याशी सुबह से देर रात तक मतदाताओं के घर पहुंचकर समर्थन मांग रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के साथ बड़ी संख्या में निर्दलीयों के मैदान में उतरने से कई वार्डों में मुकाबला बहुकोणीय हो गया है। निर्दलीय प्रत्याशी अपने-अपने चुनाव चिन्ह चूड़ी, हार, हारमोनियम, सिलाई मशीन, अलमारी और टीवी के साथ मतदाताओं के बीच पहुंच रहे हैं। ऐसे में कई वार्डों में प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के सामने निर्दलीयों ने चुनौती खड़ी कर दी है। CNX डिजिटल की एक्सक्लूसिव वार्ड-वाइज रिपोर्ट में आज नजर वार्ड 6 से 10 तक के चुनावी समीकरण, प्रत्याशियों की स्थिति, जातीय गणित और स्थानीय मुद्दों पर।

वार्ड 6 : सबसे बड़ा वार्ड, 930 मतदाता और 9 प्रत्याशियों का घमासान

अनिल खटीक बनाम किशन खटीक, निर्दलीयों की मौजूदगी ने बढ़ाई दोनों दलों की चिंता

वार्ड 6 नगर पालिका का सबसे बड़ा वार्ड माना जा रहा है। करीब 930 मतदाता इस वार्ड में अपने प्रतिनिधि का चुनाव करेंगे। सामान्य ओपन सीट वाले इस वार्ड में सबसे ज्यादा 9 प्रत्याशी मैदान में हैं। भाजपा ने अनिल खटीक को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने किशन खटीक पर भरोसा जताया है। दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशी एक ही समाज से होने के कारण मुकाबला पहले से ही दिलचस्प है। वहीं निर्दलीय प्रत्याशी बबलू मेवाड़ा, गोपाल राव, विशाल यादव, कमला, रामदेव ओड, प्रकाश और कमलेश ओड भी मैदान में हैं। वार्ड में खटीक समाज के करीब 230 मतदाता, ओड समाज के करीब 140 और मुस्लिम समाज के करीब 120 मतदाता बताए जा रहे हैं। इसके अलावा सिंधी, राजपूत, नायक और अन्य ओबीसी मतदाताओं की मौजूदगी से चुनावी गणित और पेचीदा हो गया है। 

चारण माता मंदिर से ओड मोहल्ला, खटीक मोहल्ला, कच्ची बस्ती और गोविंद सागर तालाब किनारे बसी बस्ती इस वार्ड का हिस्सा है। 9 प्रत्याशी होने से वोटों के बंटवारे का गणित सबसे बड़ा सवाल बन गया है। भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर दिखाई दे रही है, लेकिन निर्दलीय प्रत्याशियों को मिलने वाला वोट जीत का अंतर तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

वार्ड 7 : नरेश सोनी और रईस पेंटर आमने-सामने

5 प्रत्याशी मैदान में, मुस्लिम बहुल वार्ड में किसके पक्ष में जाएगा गणित?

वार्ड 7 की सीट सामान्य है और करीब 700 मतदाता यहां अपने प्रतिनिधि का चुनाव करेंगे। इस वार्ड में कुल 5 प्रत्याशी मैदान में हैं। भाजपा ने नरेश सोनी को अपना प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस ने रईस पेंटर पर दांव खेला है। दोनों के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। वहीं निर्दलीय प्रत्याशी पार्वती देवी सेन, नरेश चावला और गिरिराज भी चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं। यह वार्ड मुस्लिम बहुल माना जाता है, जिसके चलते दोनों प्रमुख दलों की नजर मतदाताओं के रुझान पर टिकी हुई है। हालांकि निर्दलीयों की मौजूदगी से वोटों का बंटवारा चुनाव का पूरा समीकरण बदल सकता है।भाजपा और कांग्रेस के रणनीतिकार वार्ड 7 के हर बूथ और मोहल्ले के चुनावी गणित पर नजर बनाए हुए हैं। यहां किस प्रत्याशी को बढ़त मिलती है, इसका फैसला अंतिम दौर के जनसंपर्क और वोटों के ध्रुवीकरण पर निर्भर माना जा रहा है।

वार्ड 8 : प्रेम देवी V/S प्रेम देवी, निर्दलीय सीमा धाकड़ ने बनाया त्रिकोणीय मुकाबला

 

धाकड़ समाज के वोटों पर टिकी नजर, पूर्व उपसरपंच की प्रतिष्ठा भी दांव पर

वार्ड 8 में चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। यहां भाजपा और कांग्रेस ने एक ही नाम वाली दो प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है। भाजपा से प्रेम देवी स्वर्णकार और कांग्रेस से प्रेम देवी मेवाड़ा चुनाव लड़ रही हैं। करीब 475 मतदाताओं वाले इस वार्ड में एक निर्दलीय प्रत्याशी सीमा धाकड़ के मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।
प्रेम देवी मेवाड़ा पूर्व उपसरपंच भी रह चुकी हैं, जिसके चलते उनके पुराने राजनीतिक अनुभव को भी चुनाव में अहम माना जा रहा है। वहीं भाजपा प्रत्याशी प्रेम देवी स्वर्णकार के सामने पार्टी संगठन और स्थानीय समीकरण को मजबूत करने की चुनौती है। वार्ड में धाकड़ समाज के करीब 120 वोटर, मुस्लिम समाज के करीब 50 मतदाता बताए जा रहे हैं। इसके अलावा मेवाड़ा, टांक, सोनी, ब्राह्मण, जैन और सिंधी समाज के मतदाता भी चुनावी परिणाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। निर्दलीय सीमा धाकड़ की एंट्री ने सबसे ज्यादा हलचल पैदा की है। धाकड़ समाज के वोटों पर उनकी मजबूत पकड़ बनी तो दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के लिए मुश्किल बढ़ सकती है। यही वजह है कि तीनों प्रत्याशी घर-घर संपर्क में जुटे हैं। वार्ड 8 में अब सवाल यही है कि क्या दो प्रेम देवी के बीच मुकाबला रहेगा या सीमा धाकड़ वोटों का गणित बदलकर बड़ा उलटफेर करेंगी?

वार्ड 9 : भाजपा-कांग्रेस में सीधा मुकाबला, 4 निर्दलीय भी मैदान में

जैन और हरिजन समाज के वोट बन सकते हैं निर्णायक

वार्ड 9 में करीब 500 मतदाता हैं। यहां भाजपा और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। भाजपा ने पूर्व मंडल अध्यक्ष मनोज गोधा की पत्नी सरोज जैन को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने दिनेश पालीवाल पर भरोसा जताया है। इसके अलावा निर्दलीय प्रत्याशी कपिल विजय, हरिकिशन ओड, साक्षी सैन और विजय भी चुनाव मैदान में हैं। गर्ल्स स्कूल की गली से जितेंद्र सिंह चौहान वाला मोहल्ला, जग्गू दादा के घर से मारुति टॉकीज के सामने वाली गली और हरिजन मोहल्ले से जैन धर्मशाला तक का क्षेत्र इस वार्ड में आता है।

वार्ड में जैन, रावना राजपूत और हरिजन समाज के साथ टेलर, विजयवर्गीय, पाराशर, मुस्लिम और अन्य समाज के मतदाता हैं। यहां जैन समाज के करीब 100 और हरिजन समाज के करीब 125 मतदाताओं को चुनावी लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों प्रमुख दल इन वोटों को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं। चार निर्दलीयों की मौजूदगी से भी मुकाबला टफ लग रहा है। ऐसे में जीत का अंतर बहुत ज्यादा रहेगा या कुछ दर्जन वोटों में फैसला होगा, इस पर सबकी नजर है।

वार्ड 10 : 8 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला, निर्दलीयों ने बढ़ाई टेंशन

कमलेश कोली और कमल नायक आमने-सामने, 

वार्ड 10 में भी चुनावी मुकाबला बहुकोणीय हो गया है। नगर पालिका भवन के पीछे की गलियों से लेकर दिनेश सेठिया के घर से चारण माता मंदिर तक, खटीक मोहल्ले के कुछ हिस्से और रामद्वारा के सामने के घर इस वार्ड में शामिल हैं। करीब 525 मतदाताओं वाले वार्ड में कुल 8 प्रत्याशी मैदान में हैं। भाजपा ने पूर्व पंचायत समिति सदस्य कमलेश कोली को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने युवा चेहरे कमल नायक पर भरोसा जताया है। वहीं निर्दलीय प्रत्याशी रतन लाल नायक, ओम प्रकाश जाटव, लोकेश नायक, सुरेश रैगर, निर्मल और शीला देवी भी चुनाव मैदान में हैं। आठ प्रत्याशियों के बीच मुकाबले में हर प्रत्याशी अपने स्तर पर वोटों का गणित साधने में जुटा है। निर्दलीयों की मौजूदगी के कारण भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों को एक-एक वोट के लिए मेहनत करनी पड़ रही है।

वार्ड में खस्ता हाल सड़क और नाली निर्माण प्रमुख चुनावी मुद्दों में शामिल हो गए हैं। प्रत्याशी इन स्थानीय समस्याओं को लेकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं और विकास के वादे कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि मतदाता भाजपा और कांग्रेस में से किसे मौका देते हैं या फिर निर्दलीयों में से कोई प्रत्याशी दोनों प्रमुख दलों को चौंकाते हुए जीत का परचम लहराता है।

वार्ड 6 से 10 तक चुनावी तस्वीर देखें तो कहीं सीधी भाजपा-कांग्रेस टक्कर है तो कहीं निर्दलीय प्रत्याशी मुकाबले को त्रिकोणीय और बहुकोणीय बना रहे हैं। वार्ड 6 में सबसे ज्यादा 9 प्रत्याशी होने के कारण वोटों के बंटवारे का गणित महत्वपूर्ण है। वार्ड 7 में भाजपा-कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला है, लेकिन तीन निर्दलीय समीकरण बिगाड़ सकते हैं। वार्ड 8 में दो प्रेम देवी के बीच मुकाबले को सीमा धाकड़ ने त्रिकोणीय बना दिया है। वार्ड 9 में भाजपा-कांग्रेस के साथ चार निर्दलीय मैदान में हैं। वार्ड 10 में आठ प्रत्याशियों की मौजूदगी ने मुकाबले को पूरी तरह बहुकोणीय बना दिया है।
कुल मिलाकर वार्ड 6 से 10 तक चुनावी मुकाबला कांटे का नजर आ रहा है। 

 

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