वार्ड 16 से 20 तक चुनावी रण में घमासान: कहीं देवरानी-जेठानी आमने-सामने तो कहीं रिश्तेदारों की बगावत, वार्ड 19 बना सबसे हॉट

ललित चावला बिजौलिया | 09 Sep 2026

कहीं देवरानी-जेठानी आमने-सामने तो कहीं रिश्तेदारों की बगावत, वार्ड 19 बना सबसे हॉट

बिजौलिया। नगर पालिका चुनाव को लेकर कस्बे में चुनावी सरगर्मी लगातार तेज होती जा रही है। CNX डिजिटल की खास “वार्डवार ग्राउंड रिपोर्ट” में आज नजर वार्ड 16 से 20 तक के चुनावी समीकरण, प्रत्याशियों की स्थिति, सामाजिक समीकरण और स्थानीय चुनावी माहौल पर।

वार्ड 16 : भाजपा-कांग्रेस में सीधी टक्कर, हर वोटर पर नजर

करीब 400 मतदाताओं वाले वार्ड 16 में चुनावी मुकाबला फिलहाल भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा दिखाई दे रहा है। वार्ड का क्षेत्र पत्रकार जगदीश सोनी के मकान से गौड़ मोहल्ले होते हुए शीतला माता मंदिर की तरफ से डपोला के अंदर नंदकिशोर वैष्णव से प्रभाकर टेलर वाली लाइन तक फैला हुआ है। भाजपा ने यहां जय नारायण टेलर (मोनू टेलर) को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस की ओर से संजय मालवीय चुनाव लड़ रहे हैं। दोनों प्रत्याशी लगातार डोर-टू-डोर संपर्क कर मतदाताओं से अपने पक्ष में मतदान की अपील कर रहे हैं। वार्ड में जैन, गौड़, तेली, लुहार, स्वर्णकार, टेलर और माली समाज सहित विभिन्न वर्गों के मतदाता हैं। भाजपा प्रत्याशी का डपोला क्षेत्र से जुड़ाव है, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी गौड़ बस्ती से हैं। ऐसे में स्थानीय संपर्क और व्यक्तिगत नेटवर्क चुनावी मुकाबले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वार्ड 16 में तस्वीर साफ है—मुकाबला दो प्रमुख दलों के बीच है, लेकिन जीत की राह हर वर्ग और हर मोहल्ले के मतदाताओं से होकर गुजरती है।

वार्ड 17 : देवरानी-जेठानी आमने-सामने, दो निर्दलीयों ने बढ़ाया रोमांच

264 मतदाताओं वाला वार्ड 17 छोटा जरूर है, लेकिन चुनावी लिहाज से बेहद दिलचस्प बन गया है। डपोला क्षेत्र की एक लाइन से छोटा जैन मंदिर, चारभुजा मंदिर के सामने वाली लाइन, चांदमल जैन से गोपाल धाबाई के मकान के पीछे वाली गली तक का क्षेत्र इस वार्ड में शामिल है। भाजपा ने वरिष्ठ भाजपा नेता शांतिलाल जोशी की पत्नी आशा देवी जोशी को प्रत्याशी बनाया है। वहीं कांग्रेस ने पूर्व वार्ड पंच रह चुकी लीला देवी जोशी पर भरोसा जताया है। खास बात यह है कि दोनों प्रत्याशी रिश्ते में देवरानी-जेठानी हैं। इस वजह से यह मुकाबला पूरे चुनाव में चर्चा का विषय बना हुआ है। मुकाबले में उस समय और रोचकता आ गई जब स्वाति जैन और पायल जैन ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरकर अपनी दावेदारी पेश कर दी। वार्ड में करीब 80-80 ब्राह्मण और जैन मतदाता बताए जा रहे हैं। इसके अलावा अहीर समाज के करीब 30, स्वर्णकार समाज के करीब 20, पाराशर समाज के करीब 15 और माली समाज के लगभग 10 मतदाता हैं। छोटा वार्ड होने के कारण प्रत्याशियों के लिए प्रत्येक मतदाता तक पहुंच बनाना आसान भी है और चुनौतीपूर्ण भी। यही वजह है कि यहां चुनावी रणनीति दिन-ब-दिन बदलती नजर आ रही है।

वार्ड 18 : भाजपा की पूजा जोशी बनाम कांग्रेस की विजय लक्ष्मी

करीब 300 मतदाताओं वाला वार्ड 18 भी इस बार मुकाबले के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चारभुजा मंदिर से मुरली मनोहर तक की लाइन, अस्तल चौक, होलिका खूंट, सत्तू जोशी के सामने वाली लाइन से वापस मुरली मनोहर तक का क्षेत्र इस वार्ड में आता है। भाजपा ने यहां एडवोकेट सुनील जोशी की पत्नी पूजा जोशी को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस ने पूर्व वार्ड पंच रह चुकी विजय लक्ष्मी पाराशर को मैदान में उतारा है। इनके बीच मुकाबले को मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। वहीं लक्षिता पाराशर के निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरने से एक नया कोण जुड़ गया है। वार्ड में ब्राह्मण और पाराशर समाज के मतदाता महत्वपूर्ण भूमिका में रह सकते हैं। इसके अलावा स्वर्णकार, अहीर और अन्य समाजों के मतदाताओं पर भी प्रत्याशियों की नजर बनी हुई है।

वार्ड 19 : हॉट सीट बनी सियासी रणभूमि, निर्दलीय प्रत्याशियों ने बिगाड़ी गणित

वार्ड 16 से 20 के बीच अगर किसी सीट पर सबसे ज्यादा चर्चा है तो वह वार्ड 19 है। करीब सवा तीन सौ मतदाताओं वाले इस वार्ड में भाजपा और कांग्रेस के मुकाबले के बीच कई निर्दलीय प्रत्याशियों की एंट्री ने चुनावी तस्वीर को बेहद रोचक बना दिया है। भाजपा ने वरिष्ठ भाजपा नेता हीरा सिंह सोलंकी की पत्नी लक्ष्मी देवी सोलंकी को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस ने सुरेंद्र पाल सिंह को मैदान में उतारा है। इसी बीच राजपरिवार से जुड़े कुंवर सौभाग्य सिंह (भंवर बना) के निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरने से मुकाबला और चर्चित हो गया है। इसके अलावा भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी देवी की भोजाई पिंकी सांखला तथा महेंद्र सिंह शक्तावत भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।

यानी इस सीट पर प्रमुख दलों के साथ निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। रोड शो से लेकर डोर-टू-डोर संपर्क तक चुनाव प्रचार का दौर तेज है। प्रत्याशी और उनके समर्थक एक-एक मतदाता तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। वार्ड का क्षेत्र होलिका खूंट से गढ़ पैलेस के सामने तक की एक लाइन और रावणा राजपूत मोहल्ले तक बताया गया है। यहां करीब 90 प्रतिशत मतदाता रावणा राजपूत समाज से बताए जा रहे हैं, जबकि ब्राह्मण परिवारों के करीब 20 मतदाता भी हैं। कई दावेदार, एक सीट और प्रतिष्ठा की लड़ाई—इसी वजह से वार्ड 19 पर पूरे कस्बे की नजर टिकी हुई है।

वार्ड 20 : माली-धोबी बहुल वार्ड में चार प्रत्याशियों के बीच मुकाबला

करीब सवा चार सौ मतदाताओं वाला वार्ड 20 क्षेत्रफल और मतदाता संख्या के लिहाज से महत्वपूर्ण वार्ड है। दशहरा मैदान से भेरूजी मंदिर, केसरगंज की एक लाइन होते हुए मालीपुरा चौराहा और गोपाल धाबाई की दुकानों तक का क्षेत्र इसमें शामिल है। इस वार्ड में धोबी और माली समाज की प्रमुख आबादी बताई जाती है। भाजपा ने यहां पूर्व वार्ड पंच रह चुके राधाकिशन माली को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने सुरेश चंद्र को प्रत्याशी बनाया है। वहीं सत्यनारायण धोबी और बेनीकुमार माली निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में हैं। चार प्रत्याशियों की मौजूदगी ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।

भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के सामने जहां पार्टी के पारंपरिक वोट को अपने पक्ष में बनाए रखने की चुनौती है, वहीं निर्दलीय प्रत्याशी स्थानीय व्यक्तिगत संपर्क और समाज के समीकरणों के सहारे मुकाबले में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं। वार्ड 20 में चार प्रत्याशियों की मौजूदगी के कारण वोटों का बंटवारा चुनावी नतीजे को प्रभावित कर सकता है। वार्ड 16 से 20 तक की तस्वीर पर नजर डालें तो पांचों वार्ड में चुनावी परिस्थितियां अलग-अलग दिखाई दे रही हैं। वार्ड 16 में भाजपा-कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला, वार्ड 17 में देवरानी-जेठानी की राजनीतिक भिड़ंत, वार्ड 18 में दो प्रमुख दलों के बीच टक्कर, वार्ड 19 में प्रतिष्ठा की जंग और वार्ड 20 में चार प्रत्याशियों के बीच मुकाबला नजर आ रहा है।

CNX डिजिटल की वार्डवार ग्राउंड रिपोर्ट जारी है… अगले वार्डों में चुनावी मुकाबले की और भी दिलचस्प तस्वीर लेकर हम फिर हाजिर होंगे।

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