देवडूंगरी मंदिर विवाद पर गरमाया माहौल: आज बिजौलिया बंद, प्रशासन बोला- चरागाह भूमि पर निर्माण नहीं होगा

ललित चावला बिजौलिया | 21 Jul 2026

आज बिजौलिया बंद, प्रशासन बोला- चरागाह भूमि पर निर्माण नहीं होगा

बिजौलिया। कस्बे के देवडूंगरी स्थित धार्मिक स्थल पर प्रस्तावित बाक्यारानी मंदिर निर्माण और भूमि अधिकार को लेकर उपजे विवाद ने सोमवार देर रात नया मोड़ ले लिया। सर्वसमाज की बैठक में मंगलवार को बिजौलिया बंद रखने, रैली निकालकर उपखंड कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया। विवाद को देखते हुए प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

सोमवार रात चारभुजा चौक पर आयोजित सर्वसमाज की बैठक में बड़ी संख्या में कस्बेवासी मौजूद रहे। बैठक को संबोधित करते हुए बिजौलिया राजपरिवार के कुंवर सौभाग्य सिंह पंवार ने कहा कि कस्बावासी देवडूंगरी पर बाक्यारानी का मंदिर बनाना चाहते हैं, लेकिन कुछ व्यक्ति विशेष एवं समाज विशेष के लोगों द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण और भूमि पूजन नहीं करने की धमकियां दी गई हैं, जिससे क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण हो गया है। 

उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा थी, लेकिन अपेक्षित स्तर पर सहयोग नहीं मिल पाया। उन्होंने इसे प्रशासन की विफलता बताते हुए कहा कि बाहर से आए कुछ लोगों ने बिजौलिया की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान पर हमला करने का प्रयास किया है। इसके विरोध में सर्वसमाज ने मंगलवार को पूर्ण बंद रखने और विरोध रैली निकालकर ज्ञापन देने का निर्णय लिया है।

उपखंड अधिकारी स्वाती झा ने बताया कि प्रशासन ने दोनों पक्षों से बातचीत कर उन्हें शांति बनाए रखने के लिए समझाइश दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस स्थान पर कार्यक्रम प्रस्तावित था, वह सरकारी चरागाह भूमि है और वहां बिना वैधानिक अनुमति के मंदिर निर्माण नहीं किया जा सकता। प्रशासन ने फिलहाल प्रस्तावित कार्यक्रम स्थगित करा दिया है। दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से विवाद नहीं बढ़ाने तथा अगले दो दिनों में चर्चा कर समाधान तलाशने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक पुलिस एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं की गई हैं।

गौरतलब है कि आज मंगलवार को देवडूंगरी पर बाक्यारानी मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन प्रस्तावित था। इससे पहले कुछ लोगों द्वारा निर्माण का विरोध किया गया तथा मंदिर निर्माण करने पर जान से मारने की धमकियां दिए जाने के आरोप लगाए गए। इसके बाद मामला तेजी से तूल पकड़ गया और सर्वसमाज ने विरोध प्रदर्शन एवं बंद का आह्वान कर दिया। वहीं प्रशासन लगातार दोनों पक्षों से संवाद कर शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास में जुटा हुआ है।

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