देवडूंगरी विवाद: ब्राह्मण महासभा का कलेक्टर को पत्र: कहा- बंक्यारानी मंदिर निर्माण को मिले स्वीकृति
ललित चावला बिजौलिया | 24 Jul 2026
बिजौलिया। देवडूंगरी स्थित धार्मिक स्थल को लेकर चल रहे विवाद में अब अखिल भारतवर्षीय श्री गुर्जर गॉड ब्राह्मण महासभा के प्रदेश संगठन मंत्री शक्ति नारायण शर्मा ने जिला कलेक्टर को पत्र भेजकर क्षेत्र की भूमि, धार्मिक स्थलों और वर्तमान विवाद का विस्तृत उल्लेख करते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।
3 सौ भील परिवार रहते हैं
शर्मा ने पत्र में बताया कि बिजौलिया नगर पालिका के वार्ड संख्या 24 स्थित भीलपुरिया दाती (देवडूंगरी) में करीब 300 भील परिवार निवास करते हैं। उन्होंने दावा किया कि संबंधित भूमि सार्वजनिक पार्क, वृक्षारोपण, उप जिला चिकित्सालय और चारागाह के लिए राजस्व अभिलेखों में दर्ज एवं आवंटित है, जो वर्तमान में नगर पालिका क्षेत्र में आती है।
5 सौ साल पुराना है मंदिर
इस क्षेत्र में रियासतकाल से लगभग 500 वर्ष पुराना भगवान देवनारायण मंदिर, हनुमान मंदिर, अन्य देवी-देवताओं के चबूतरे तथा बंक्यारानी माताजी के मंदिर का निर्धारित स्थान मौजूद है। यह स्थल वर्षों से बिजौलिया के सभी समाजों की आस्था का केंद्र रहा है और यहां बंक्यारानी माताजी के नए मंदिर के निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है।
विवाह सम्मेलन के बहाने अधिकार जमाने के प्रयास
पत्र में बताया कि वर्ष 2022 से 2026 तक इसी स्थान पर एक समाज द्वारा सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किए गए, जिनका स्थानीय लोगों ने विरोध नहीं कर सहयोग किया। लेकिन अब सम्मेलन के आधार पर इस स्थल पर अधिकार जताने का प्रयास किया जा रहा है। 19 जुलाई को गुर्जर समाज द्वारा उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देने के बाद कस्बे में असंतोष फैल गया और 21 जुलाई को हजारों लोगों ने बाजार बंद रखकर विरोध प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सौंपा।
भील परिवारों को बेदखल करने की साजिश
शर्मा ने कहा कि भगवान देवनारायण की वर्षों से सेवा-पूजा स्थानीय भील समाज तथा सुरतानिया जोशी परिवार द्वारा की जाती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक समाज द्वारा इस क्षेत्र पर कब्जा कर यहां निवासरत भील परिवारों को बेदखल करने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे भविष्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।
महासभा ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि कथित अतिक्रमण के प्रयासों पर तत्काल कार्रवाई कर संबंधित लोगों को बेदखल किया जाए तथा बंक्यारानी माताजी मंदिर निर्माण की स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और सौहार्द बना रहे।