हर-हर महादेव : तिलस्वां महादेव में उमड़ा आस्था का सैलाब, एक लाख श्रद्धालुओं ने किए भोलेनाथ के दर्शन
ललित चावला बिजौलिया | 03 Aug 2026
रावतभाटा से 101 कांवड़ियों ने पवित्र कुंड से जल भरकर निकाली कांवड़ यात्रा,
बिसलपुर से भी कांवड़ लेकर पहुंचे शिवभक्त
बिजौलिया। श्रावण मास के पहले सोमवार को प्रसिद्ध शिवधाम श्री तिलस्वां महादेव मंदिर में श्रद्धा और आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से पूरा तिलस्वां शिवमय नजर आया। राजस्थान सहित आसपास के क्षेत्रों से करीब एक लाख श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन, जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को व्यवस्थित दर्शन कराने के लिए पुलिस की टीम सुबह से ही मुस्तैद रही
101 कांवड़ियों ने पवित्र कुंड से भरा जल
रावतभाटा से करीब 101 कांवड़िए पवित्र कुंड से कांवड़ में जल भरकर भगवान शिव की झांकी और डीजे के साथ सुबह करीब 5 बजे रावतभाटा के लिए रवाना हुए। रास्ते में जगह-जगह ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं ने कांवड़ियों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। कांवड़ यात्रा के रावतभाटा पहुंचने पर भी कांवड़ियों का भव्य स्वागत किया जाएगा। वहीं बिसलपुर महादेव से कांवड़ में जल लेकर श्रद्धालु तिलस्वां महादेव पहुंचे। कांवड़ियों ने बिसलपुर बांध के जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
पुलिस ने संभाली व्यवस्था, श्रद्धालुओं को करवाए सुलभ दर्शन
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी अलर्ट रहा। कास्या चौकी प्रभारी नरेश सुखवाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मंदिर परिसर एवं आसपास व्यवस्थाएं संभालीं और श्रद्धालुओं को सुलभ एवं व्यवस्थित दर्शन करवाए।
श्रावण मास में देशभर से पहुंचेंगे श्रद्धालु
शिवधाम श्री तिलस्वां महादेव मंदिर में पूरे श्रावण मास के दौरान श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अनुपम संगम देखने को मिलेगा। राजस्थान के अलावा मध्यप्रदेश, गुजरात सहित अन्य राज्यों से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। श्रावण मास में प्रतिदिन प्रातःकाल से भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जप एवं विशेष पूजा-अर्चना का क्रम जारी रहेगा। श्रद्धालु परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, अच्छी वर्षा, खुशहाली और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए भगवान भोलेनाथ की आराधना करेंगे।
चर्म रोग से राहत की आस्था का केंद्र है पवित्र कुंड
श्री तिलस्वां महादेव मंदिर के सामने स्थित पवित्र कुंड और वहां की मिट्टी के प्रति श्रद्धालुओं में वर्षों पुरानी धार्मिक आस्था है। स्थानीय मान्यता के अनुसार पवित्र कुंड में श्रद्धापूर्वक स्नान करने और वहां की मिट्टी का लेप करने से चर्म रोग एवं शरीर से जुड़े कुछ कष्टों में राहत मिलने की मान्यता है।
देश में सुख-शांति और अच्छी वर्षा के लिए विशेष अनुष्ठान
श्रावण मास के अवसर पर श्री तिलस्वां महादेव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष रमेश चंद अहीर, सचिव मांगीलाल धाकड़, पुजारी व ट्रस्टी घनश्याम पाराशर और गिरधर पाराशर के नेतृत्व में भगवान भोलेनाथ का विशेष अभिषेक एवं पूजा-अर्चना की गई।
एक माह तक चलेंगे धार्मिक आयोजन
मंदिर ट्रस्ट की ओर से श्रावण मास में 30 जुलाई को गणपति स्थापना के साथ मंडल पूजा एवं अभिषेक का शुभारंभ किया गया, जो 26 अगस्त तक चलेगा। 12 अगस्त बुधवार को तीन दिवसीय अमावस्या का मेला आयोजित होगा। 17 अगस्त को नागपंचमी के अवसर पर विशेष कालसर्प दोष शांति पूजा का आयोजन किया जाएगा।
26 अगस्त को मंडल हवन, महारुद्र हवन, महामृत्युंजय हवन एवं पूर्णाहुति होगी। 27 अगस्त को शास्त्रधारा अभिषेक एवं दुग्धाभिषेक का आयोजन किया जाएगा। मंदिर ट्रस्ट की ओर से आमंत्रित 11 विद्वान पंडित सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक एवं जप-अनुष्ठान करवाएंगे। शाम को पुष्पांजलि एवं देव विसर्जन का आयोजन होगा। 28 अगस्त को हेमाद्रि ऋषि पूजन, यज्ञोपवीत पूजन एवं पूर्णाहुति के साथ धार्मिक अनुष्ठानों का समापन किया जाएगा। श्रावण मास के दौरान भगवान शिव का विशेष श्रृंगार, महाआरती, भजन-कीर्तन सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।